अच्छा लगा आपका आना - फुरशत मिले तो जरूर दो चार पंक्तिया पढें....हँसते रहिये, मुश्कुराते रहिये, और जीवन को इसी खूबसूरती से जीते रहिये...आपका....प्रभात

23 August 2009

बलात्कार

उस अबोध बच्ची का कल बलात्कार हो गया
पड़े लिखे सभ्य समाज में, हाय ये क्या हो गया
टूटे सपने सरे रंगीन
और इधर
बलात्कारी और पुलिस में करार हो गया
उस अबोध बच्ची का कल बलात्कार हो गया।

प्रभात सर्द्वाल

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